डॉक्टर सरपंच का अनोखा होली ऑपरेशन: रंगीन शरबत और पैरासिटामोल की सौगात

Hrishi pens
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बाराद्वार बस्ती में इस बार होली का रंग कुछ खास ही नजर आ रहा है। गांव के नव-निर्वाचित डॉक्टर सरपंच ने होली को लेकर ऐसे फैसले लिए हैं जो चर्चा का विषय बने हुए हैं। गांव में जगह-जगह ओपीडी (आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) खोल दी गई है, जहां ग्रामीणों को जबरन बॉटल चढ़ाई जा रही है।

विरोधियों को वेंटिलेटर पर भेजने का "खेल"

खास बात यह है कि सरपंच चुनाव में विरोधी रहे लोगों को विशेष रूप से वेंटिलेटर में शिफ्ट करने का खेल चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर सरपंच ने गांव का ऐसा "ऑपरेशन" शुरू कर दिया है जिसमें विरोधियों का इलाज करना अनिवार्य कर दिया गया है।

गांव में अंग्रेजी का बढ़ावा

डॉक्टर से सरपंच बने जनाब ने गांव के सभी बोर्डों पर अंग्रेजी में लिखाई करवाने का फैसला लिया है। चाहे पंचायत भवन हो या पानी टंकी—हर जगह अब अंग्रेजी के बोर्ड चमक रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, डॉक्टर सरपंच का मानना है कि "अंग्रेजी ही प्रगति है।"

होली में भांग नहीं, रंगीन शरबत और पैरासिटामोल का दौर

होली के दिन इस बार गांव में न तो भांग का नशा होगा और न ही भजिये की खुशबू। डॉक्टर सरपंच ने ऐलान किया है कि इस बार भांग की जगह रंगीन शरबत बांटा जाएगा और भजिये की जगह उपयोगी पैरासिटामोल की गोलियां वितरित की जाएंगी। उनका कहना है कि "सेहतमंद होली ही सच्ची होली है।"

ग्रामीणों में असमंजस और हंसी-ठिठोली का माहौल

डॉक्टर सरपंच के इन अनोखे फैसलों से गांव में असमंजस का माहौल है। कुछ लोग इसे अनोखा प्रयोग मान रहे हैं, तो कुछ इसे सरपंच की "डॉक्टरी धौंस" का नतीजा बता रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर तरह-तरह के मीम्स और चुटकुले वायरल हो रहे हैं।

(रंगों में घुली होली की मिठास, पर डॉक्टर सरपंच का इलाज...अब देखना यह है कि गांववाले इस "इलाज वाली होली" को कैसे अपनाते हैं!)

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